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मुख्यमंत्री का ‘रोज़गार मिशन’ जारी, 518 और नौजवानों को सौंपे नियुक्ति पत्र

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चंडीगढ़, 1 फरवरीः

सरकारी नौकरियाँ मुहैया करवा के राज्य के नौजवानों को समर्थ बनाने का अपना मिशन जारी रखते हुये पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गुरूवार को शिक्षा, उच्च शिक्षा, वित्त, आम राज प्रबंध, सहकारिता, बिजली और अन्य विभागों में भर्ती के लिए 518 नौजवानों को नियुक्ति स्तर सौंपे। 

नौजवानों को नियुक्ति पत्र सौंपने के मौके पर करवाए समारोह के दौरान इक्ट्ठ को संबोधन करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि विभागों में खाली पड़े सभी पदों पर जल्दी से जल्दी भर्ती की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस समूची भर्ती प्रक्रिया के लिए पुख़ता प्रबंध अपनाए गए हैं, जिस कारण 40 हज़ार से अधिक हुई इस भर्ती में से किसी एक को भी अदालत में चुनौती नहीं मिली। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार के लिए यह गौरव की बात है कि इन नौजवानों को मुकम्मल मेरिट के आधार पर सरकारी नौकरियाँ मिलीं हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह संसद मैंबर के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान भी ग़ैर कानूनी ट्रैवल एजेंटों के विरुद्ध ज़ोरदार ढंग से आवाज़ उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब से हमारी सरकार ने कार्यकाल संभाला है, तब से लोगों के साथ ठगी मारने और मानवीय तस्करी में शामिल ग़ैर कानूनी ट्रैवल एजेंटों के साथ कतई नरमी न बरतने की नीति अपनाई गई है। उन्होंने कहा कि ऐसे ट्रैवल एजेंटों के खि़लाफ़ मिसाली कार्यवाही करते हुये राज्य सरकार ने बड़ी जागरूकता मुहिम चलाई है जिससे लोगों को शक्की ट्रैवल एजेंटों के बारे में करवाया जाये। भगवंत सिंह मान ने यह भी कहा कि प्रवास एक्ट में भी ज़रूरी संशोधन किये गये हैं जिससे ऐसे ट्रैवल एजेंटों के विरुद्ध सख़्त से सख़्त कार्यवाही यकीनी बने। 

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य के नौजवान संतोष से काम लें और विभाजनकारी ताकतों के भ्रामक प्रचार का शिकार न हों। उन्होंने कहा कि यह पंजाब विरोधी ताकतें राज्य को तरक्की और ख़ुशहाली की राह से हटाना चाहतीं हैं, जिसके लिए वह राज्य में ज़हर फैला रही हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य के समझदार नौजवान ऐसे एजंडे में नहीं फंसेंगे और इन ताकतों को उपयुक्त जवाब देंगे। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के नौजवानों के लिए रोज़गार यकीनी बनाने का एकमात्र मंतव्य उनको राज्य के सामाजिक- आर्थिक विकास एवं तरक्की में सक्रिय हिस्सेदार बनाना है जिससे वह ग़ैर कानूनी ट्रैवल एजेंटों का शिकार न बनें। उन्होंने कहा कि यह म्यूंसिपल भवन ऐसे कई मौकों का गवाह है, जिस दौरान नौजवानों को अलग- अलग सरकारी विभागों में नौकरियाँ मिलीं हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इससे राज्य सरकार की नौजवानों की भलाई यकीनी बनाने और उनके लिए रोज़गार के नये मौके सृजन करने की दृढ़ वचनबद्धता झलकती है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार की अथक कोशिशों से राज्य में प्रवास को विपरीत दौर आना शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि अब अच्छे मौकों की खोज में विदेश जाने की बजाय नौजवान नौकरियों के लिए पंजाब में सख़्त मेहनत कर रहे हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पहले दूसरे मुल्कों में गए नौजवान भी अब वापस आ रहे हैं और अपनी सख़्त मेहनत से यहाँ नौकरियाँ हासिल कर रहे हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उनके लिए बड़े गौरव और संतोष की बात है कि इन पदों के लिए सभी नौजवानों का चयन केवल मेरिट के आधार पर किया गया है। उन्होंने कहा कि यह कोई पहला समागम नहीं है, जब राज्य सरकार की तरफ से राज्य के नौजवानों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए हैं क्योंकि इससे पहले भी ऐसे कई समागम हो चुके हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार नौजवानों को इस नेक कार्य में हिस्सेदार बन कर पंजाब की पुरातन शान बहाल करने के लिए अथक यत्न कर रही है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की धरती एक पवित्र धरती है क्योंकि राज्य का हर दूसरा गाँव महान गुरूओं की चरण स्पर्श प्राप्त है और राज्य ने देश के लिए अपनी जानें गंवाने वाले शूरवीर पैदा किये हैं। उन्होंने कहा कि पंजाबी जन्म से ही मेहनतकश होते हैं, जिस कारण पंजाबियों ने दुनिया भर में अपनी काबिलीयत का लोहा मनवाया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाबी अथाह हौसले वाले और मेहनती लोग हैं, जिस कारण पंजाबियों ने हर क्षेत्र में जीत प्राप्त की है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाबियों का यह जज़्बा राज्य को बहुत आगे ले जा सकता है और राज्य सरकार इस दिशा में ठोस प्रयास करने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह बड़े गौरव और संतोष की बात है कि लड़कियाँ हर क्षेत्र में लड़कों की अपेक्षा आगे हैं और आज भी ज़्यादातर नौकरियाँ लड़कियों ने ही हासिल की हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह समय की ज़रूरत है कि लड़कियों के सपनों को पंखप दिये जाये जिससे वह हर क्षेत्र में जीत हासिल करते हुये सफलता की नयी इबारत लिख सकें। 

पुरानी सरकारों पर निशाना साधते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नेताओं ने अपने सरकारी पदों का दुरुपयोग करते काफी दौलत इकट्ठी करके अपने लिए महलनुमा घर बनाए। उन्होंने आगे कहा कि इन घरों की दीवारें तो ऊँची हैं परन्तु दरवाज़े आम लोगों के लिए हमेशा बंद ही रहते हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह नेता लोगों की पहुँच से दूर रहे, जिस कारण लोगों ने उनको सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य के नौजवानों की भलाई के लिए ठोस प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य यह यकीनी बनाना है कि नौजवान नौकरी तलाशने की बजाय नौकरी देने वाले बनें। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह समय की ज़रूरत है कि नौजवानों की सक्रिय शमूलियत को यकीनी बनाते हुये प्रगतिशील और खुशहाल पंजाब की सृजना की जाये। 

मुख्यमंत्री ने व्यंग्य कसते हुये कहा कि राज्य के एक पूर्व वित्त मंत्री नौ सालों तक ‘सरकारी ख़ज़ाना खाली है’ का भ्रामक राग अलापता रहा, जिससे पंजाब के नौजवानों के हौसले को काफी चोट पहुंची। उन्होंने कहा कि अब राज्य सरकार पंजाब के नौजवानों को हर गुज़रते दिन नौकरियां दे रही है, जिस कारण नौजवान पीढ़ी राज्य के सामाजिक- आर्थिक विकास में सक्रिय हिस्सेदार बन रही है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि आने वाले दिनों में अधिक से अधिक नौजवानों को इख्तियार देने के लिए इस विशाल मुहिम को और आगे बढ़ाया जायेगा। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब राज्य में मुकम्मल तबदीली का दौर चल रहा है क्योंकि आम आदमी की भलाई के लिए नये अस्पताल, स्कूल और नये मैडीकल कालेज बनाये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह जन हितैषी फ़ैसले उन लोगों की तरफ से ही लिए जा रहे हैं, जो ज़मीनी स्तर पर लोगों की समस्याओं से भली-भाँति अवगत हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि रिवायती राजनैतिक पार्टियों ने राज्य को बर्बाद कर दिया है और अब वह बहुत बेशर्मी से नैतिकता की डींगें हांक रहे हैं। 

अकाली दल की ‘पंजाब बचाओ यात्रा’ पर सवाल उठाते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली नेता यह स्पष्ट करें कि 15 साल राज्य को लूटने के बाद वह किस से राज्य को बचाने की बातें कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अकालियों ने राज्य को बहुत बेरहमी से लूटने के इलावा पंजाबियों की मानसिकता को भावनात्मक तौर पर ठेस पहुंचायी है और राज्य के अंदर कई तरह के माफिया की सरप्रस्ती की है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोग अकालियों और बादल परिवार के दोगले किरदार से भली-भाँति अवगत हैं, इस कारण अब अकालियों की ड्रामेबाज़ियां काम नहीं करेंगी। 

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार की तरफ से विद्यार्थियों को मुकाबला परीक्षाओं के लिए प्रशिक्षण देने सम्बन्धी आठ हाई-टेक केंद्र खोले जा रहे हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह केंद्र नौजवानों को यू. पी. एस. सी. की परीक्षा के पास करने और राज्य और देश में प्रतिष्ठित पदों पर बैठने के लिए मानक प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य नौजवानों को उच्च पदों पर बिठा कर देश की सेवा में लगाना है।

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