खूब रजिस्ट्रेशन कराओ, देखता हूं कौन रोकता है...केजरीवाल ने महिला सम्मान योजना की जांच के आदेश के बाद दी चुनौती
दिल्ली में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी ने महिलाओं के लिए जिस कैश बेनिफिट स्कीम का ऐलान किया था, अब एलजी ने उसके लिए हो रहे रजिस्ट्रेशन की जांच के आदेश दिए हैं। एलजी सचिवालय ने दिल्ली के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कहा है कि इस मामले में डिविजनल कमिश्नर से जांच कराएं कि सरकार से बाहर के लोग नागरिकों से निजी डेटा क्यों ले रहे हैं। पत्र में ये भी कहा है कि दिल्ली के पुलिस कमिश्नर इस मामले में कानून के मुताबिक उन लोगों के खिलाफ ऐक्शन ले सकते हैं जो नागरिकों से निजी डेटा इकट्ठा कर रहे हैं। ये फैसला कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित की तरफ से AAP पर कथित स्कीम के नाम पर लोगों से संवेदनशील निजी डेटा इकट्ठा करने की शिकायत के बाद आई है। दीक्षित ने इस कदम का स्वागत किया है और कहा है कि सही से जांच हुई तो केजरीवाल जेल जाएंगे। उधर, आम आदमी पार्टी और उसके मुखिया अरविंद केजरीवाल एलजी के इस आदेश से भड़क गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी दिल्ली का चुनाव हार रही है, इसलिए वह महिला सम्मान योजना से बौखला गई है।
दिल्ली की आतिशी सरकार ने महिला सम्मान योजना के तहत 18 वर्ष से ऊपर की महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये देने का वादा किया है। अरविंद केजरीवाल ने कुछ दिन पहले स्कीम को लागू किए जाने का ऐलान करते हुए कहा था कि चुनाव बाद अगर AAP की जीत हुई तो इस स्कीम की राशि को 1000 रुपये से बढ़ाकर 2100 कर दिया जाएगा। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता दिल्ली में घर-घर जाकर इस कथित योजना के लिए लोगों का रजिस्ट्रेशन भी शुरू कर दिया है।
AAP कार्यकर्ता महिला सम्मान योजना के अलावा 'संजीवनी' योजना के लिए भी रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं, जिसके तहत 60 साल से ऊपर के हर बुजुर्ग को निजी और सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज का वादा किया गया है। दिलचस्प बात ये है कि दिल्ली सरकार के कुछ विभागों ने अखबारों में नोटिस देकर लोगों को आगाह किया है कि ऐसी कोई भी स्कीम अस्तित्व में नहीं है, लिहाजा किसी भी अनधिकृत व्यवक्ति को अपना निजी और गोपनीय डेटा न दें।