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प्रेस क्लब पटियाला केस- हाई कोर्ट ने दिए विजिलैंस जांच के आदेश

विजीलैंस जांच के लिए हरियाणा विजिलैंस के ओ एस डी को नियुक्त करने के आदेश

चंडीगढ़ पी (एन टी न्यूज़ डेस्क) : पंजाब एंड हरयाणा हाई कोर्ट के आदरणीय जस्टिस श्री राजन गुप्ता ने , प्रशासन और स्टेट बैंक द्वारा 50 लाख की ग्रांट खुर्द बुरद किये जाने के खिलाफ प्रेस क्लब पटियाला द्वारा दायर रिट की सुनवाई करते हुए इस मामले की विजिलेंस जांच के आदेश दे दिए हैं । गौरतलब है कि प्रेस क्लब पटियाला को 2006 में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विकास और रेनोवेशन के लिए 50 लाख की ग्रांट देने का एलान किया था और प्रेस क्लब पटियाला के प्रेजिडेंट ने 50 लाख की पहली खेप का 25 लाख रुपये का चेक सरकार से प्राप्त करके प्रेस क्लब के बैंक एकाउंट में जमा करवा दिया था । लेकिन तुरंत बाद डी सी पटियाला ने ग्रांट का उपयोग करने में अड़ंगा लगा दिया और राज्य में अकाली सरकार के आने के बाद प्रेस क्लब को दी गई ग्रांट खर्च करने पर रोक लगा दी गई । उसके बाद स्टेट बैंक के मैनेजर ने प्रेस क्लब पटियाला के बैंक खाते में से गैर कानूनी ढंग से प्रेस क्लब की सहमति के बगैर जानकारी छुपाकर 25 लाख रुपये किसी और खाते में ट्रांसफर कर दिए ।

इस मामले की पैरवाई करते हुए अधिवक्ता श्रीमती अनुपम भनोट ने प्रेस क्लब पटियाला के पक्ष में दलीलें रखीं । अब माननीय जस्टिस श्री राजन गुप्ता ने इस संगीन मामले की विजीलैंस जांच के लिए हरियाणा विजिलैंस के ओ एस डी को नियुक्त करने के आदेश दे दिए हैं । माननीय जस्टिस राजन गुप्ता ने आदेश दिया है कि इस जांच की रिपोर्ट 2 नवम्बर 2017 तक पेश की जाए । प्रेस क्लब पटियाला के अध्यक्ष परवीन कोमल ने कहा है कि क्योंकि कांग्रेस सरकार द्वारा दी गई ये ग्रांट अकाली सरकार के टाइम दुर्भावनावश मीडिया से सुख सुविधाएं छीनने के लिए राजनैतिक बदलाखोरी की भावना से वापिस ली गयी थी इस लिए तब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल , उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल व विक्रम मजीठिया को इस केस में पार्टी बनाने के लिए प्रेस क्लब पटियाला के लीगल विंग द्वारा विचार विमर्श किया जा रहा है ।

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