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मनीष सिसोदिया ने लिखी प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी को चिट्ठी

चिट्ठी के जरिये सिसोदिया ने किया प्रधानमंत्री पर हमला

नई दिल्ली (पी एन टी न्यूज़ डेस्क) : आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार के दस सलाहकार हटाए जाने के बाद उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी को एक चिट्ठी लिखी है. आप भी पढ़े क्या कहा है उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इस चिट्ठी में

मननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी,

हमारे देश में शिक्षा की व्यवस्था में निर्णय लेने वाले, योजना बनाने वाले और उन्हें अमल में लाने वाले शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव या शिक्षा निदेशक में से किसी का भी शिक्षा विशेषज्ञ होना अथवा शिक्षा अनुभवी होना आवश्यक नहीं है। मेरी राय में देश भर में सरकारी स्कूल सिस्टम के डूबने का एक बड़ा कारण यही है। हमने दिल्ली सरकार में इसीलिए आतिशी मार्लिना जैसी सुशिक्षित एवं अनुभवी महिला को शिक्षा सलाहकार के रूप में रखा। इसके नतीजे भी सामने आये। आज पूरे देश में हमारे सबसे कट्टर विरोधी भी इस बात को मानते हैं कि दिल्ली सरकार ने 3 साल में शिक्षा पर बेहतरीन काम किया है और सरकारी स्कूलों की काया पलटने लगी है।

लेकिन मुझे आश्चर्य है कि आपकी सरकार ने एक झटके में जिस तरह आतिशी मार्लीना को दिल्ली के ’शिक्षा मंत्री की सलाहकार’ से हटाने का आदेश जारी किया, उससे आप क्या हासिल करना चाहते हैं? आपके हमसे राजनीतिक विरोध हो सकते हैं लेकिन दिल्ली के बच्चों से तो नहीं। दिल्ली के बच्चे भी इसी देश के बच्चे हैं आप जब अपने आप को देशभक्त कहते हैं तो दिल्ली के बच्चों के बिना आपकी देश भक्ति कैसे पूरी हो सकती है? राजनीतिक विरोध के कारण उनकी शिक्षा की बेहतरी में लगे लोगों को हटाना कौन-सी देश भक्ति है?

मैं जानता हूॅं कि आप अपने राजनीतिक विरोधियों को परास्त करने के लिए साम-दाम-दण्ड-भेद की नीति अपनाने में कभी कोई कसर नहीं छोड़ते। आप अभी देश के प्रधानमंत्री हैं। आप के पास सत्ता की ताकत है और नशा है। इस नशे के दम पर आप सत्ता की ताकत का इस्तेमाल करके देश में कोई भी अच्छा काम रूकवा सकते हैं। पर सोचिएगा जरूर कि एक दिन हम सबको भगवान के सामने जाना है और उसे जवाब देना है कि जब आप सत्ता के इस्तेमाल से देश के बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलवा सकते थे तब आप शिक्षा के विकास में रोड़ा बनकर क्यों खड़े हुए? मैं तो दो तिहाई राज्य का अदना सा शिक्षा मंत्री हूॅं। मैनें तमाम अड़चनों के बावजूद दिल्ली में 8 हजार शानदार नए क्लास रूम बनावाए हैं। आपका बड़़़प्पन तब होता जब आप पूरे देश में 2 लाख नए शानदार क्लास रूम बनवाते। मैंने दिल्ली में 14 नए काॅलेज खुलवाए हैं। आपका बड़़़प्पन तब होता जब देश भर में 14 हजार नए काॅलेज खुलवाते।

आपको मेरी बातों पर कोई भी भी संदेह हो तो मैं आपको निमंत्रण देता हूॅं कि आप दिल्ली के स्कूलों को देखने के लिए किसी भी दिन मेरे साथ दिल्ली के सरकारी स्कूलों में चलिए। मैं आपको दिखाना चाहता हूं कि अच्छे स्कूल बनवाने से देश के बच्चों के चेहरो पर कितनी खुशी झलकती है। मैं आपको दिखाना चाहता हूं कि दिल्ली की शिक्षा में हमनेे क्या बदलाव किया है। राष्ट्रपति पद पर रहते हुए तत्कालीन राष्ट्रपति श्री प्रवण मुखजी मेरे निमंत्रण पर दो बार दिल्ली के सरकारी स्कूलों में आ चुके हैं और मेरे अनुरोध पर उन्होंने सरकारी स्कूलों में इतिहास की क्लास की पढ़ाई भी कराई। मंै आपको भी निमंत्रण देता हूॅं। दिल्ली के सरकारी स्कूल और काॅंलेजों में खुले मन से आइए और फिर देश भर में ऐसे ही खूब सारे स्कूल बनवाइए।

सादर आपका,
मनीष सिसोदिया

 

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