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पत्रकारों के भेष में पटियाला के ब्लैकमेलर ठग काबू

गर्भपात के नाम पर ब्लैंकमेलिंग कर मांग रहे थे पांच लाख रुपए 

करनाल (पी एन टी न्यूज़ डेस्क ) : सिविल लाईन थाना पुलिस ने दुआ अस्पताल के संचालक डा. राकेश दुआ की शिकायत पर कस्बा नीलोखेडी से पांच ऐसे फर्जी पत्रकारों को दबोचा है, जो डा. को गर्भपात के नाम पर ब्लैंकमेलिंग कर पांच लाख रुपए मांग रहे थे। पुलिस ने इन फर्जी पत्रकारों को दो लाख रुपए की नकदी लेते हुए धरा है। पुलिस इन सभी आरोपियों को पकड़ कर थाना सिविल लाईन में ले आई है। इन के अलावा पुलिस ने डा. दुआ के क्लीनिक पर काम करने वाले एक नर्स को भी दबोचा है, जिस का इन फर्जी पत्रकारों ने गर्भपात करने के लिए रखी गोलियों का स्टींग ऑप्रेशन किया था।

इन फर्जी पत्रकारों में दो पंजाब के पटियाला के निवासी है, एक उत्तराखंड का रहने वाला है और एक नीलोखेडी के पूजम गांव का मूल निवासी है। इसके अलावा इनके साथ एक महिला फर्जी पत्रकार भी शामिल है। पुलिस ने इन आरोपियों से एक स्वीफट कार, एक इनेवा कार तथा दो लैपटॉप और चार कैमरे बरामद किए थे। बताया जा रहा है ये आरोपी तहलका न्यूज के नाम से पोर्टल चला कर लोगों को ब्लैकमेलिंग करने का काम करते थे और इन्होंने करनाल के कस्बा नीलोखेड़ी में अपना फर्जी कार्यालय भी बनाया हुआ है।

मिली जानकारी के अनुसार पटियाला निवासी अमनदीप सिंह, विनय अरोड़ा, उत्तराखंड निवासी भूपेंद्र सिंह, नीलोखेडी के गांव पूजम निवासी नीतिन कुमार तथा एक महिला फर्जी पत्रकार सुखविंद्र कौर ने गत दिवस देर शाम को करनाल की ओलड पुलिस लाईन रोड़ पर स्थित दुआ अस्पताल की नर्स एंव गांव बल्ला निवासी दीपिका से गर्भपात करने के लिए बात की थी। दीपिका ने गर्भपात करने के लिए इन से 14 हजार रुपए लिए और जैसे ही इस नर्स ने एक महिला का गर्भपात करने के लिए गोलियां रखी तो इन लोगों ने बड़ी चतुराई से इसका कांड का स्टींग ऑप्रेशन कर लिया। बताया जा रहा है कि इसके बाद इस बारें में इन लोगों ने अस्पताल के संचालक एंव न्यूरों सर्जन राकेश दुआ से इस बारें में बात की और इस मामले को रफा-दफा करने के लिए उन से पांच लाख रुपए की मांग कर डाली।

बताया जा रहा है कि राकेश दुआ ने दो लाख रुपए में सौदा तय कर लिया और इसकी सूचना सिविल लाईन थाना पुलिस के एसएचओं मोहन लाल से बात कर ली। जिस के बाद पुलिस ने डा. के साथ मिलकर पैसे देने की योजना बना डाली और जैसे ही आज शाम को डा. राकेश दुआ नीलोखेडी में इन्हें दो लाख रुपए देने पहुंच गया और जैसे ही इन फर्जी पत्रकारों ने ब्लैकमेलिंग के दो लाख रुपए पकड़ तो पुलिस ने छापामारी कर इन सब को दबोच लिया। पुलिस ने इन सभी आरोपियों के खिलाफ भादंसं की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया और बाद में उस नर्स को भी दबोच लिया, जिस का स्टींग ऑप्रेशन किया गया था।

ज्ञात रहे कि डाक्टर राकेश दुआ न्यूरो सर्जन है और उनके अस्पताल में न तो जज्जा बच्चा वार्ड है और न ही यहां पर गर्भवती महिलाओं का उपचार किया जाता है। प्रेस क्लब पटियाला नेे पुलिस की इस कारवाई का स्वागत किया है। जब इन लोगों ने अपने वेब  पोर्टल का नाम तहलका रखा था तभी पटियाला के तोते वाले ज्योतिषियों ने भविष्यवाणी कर दी थी कि अब इन लोगों के भी जेल जाने के दिन शुरू हो गए ।

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